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शिशॠको ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ करने के बारे में हमारा यह सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ देखें और जानें कि शिशॠको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कैसे और कब खिलाà¤à¤‚ और कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ न खिलाà¤à¤‚। साथ ही जानें कि आप शिशॠको अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ का आनंद लेने में कैसे मदद कर सकती हैं।
शिशॠको जनà¥à¤® के बाद पहले छह महीनों तक अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना ही उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसबसे हितकर है। इस तरह उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के सà¤à¥€ फायदे मिल पाà¤à¤‚गे। इससे उसके पाचन तंतà¥à¤° और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को à¤à¥€ परिपकà¥à¤µ होने का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय मिल जाता है।
छह माह के बाद, केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ नहीं कर पाता, विशेषकर कि आयरन। इसलिà¤, आपको धीरे-धीरे उसे ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ करना होगा। इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से पहले यह देखें कि आपका शिशॠठोस आहार के लिठतैयार है या नहीं।
ठोस आहार शà¥à¤°à¥ करने का मूलमंतà¥à¤° है कि शिशॠको à¤à¤• बार में à¤à¤• ही नई चीज दी जाà¤à¥¤ कोई à¤à¥€ नया à¤à¥‹à¤œà¤¨ उसे हर पांचवे दिन ही देना चाहिà¤à¥¤ इस पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥‹à¤œà¤¨ से होने वाली किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का आसानी से पता लगाया जा सकता है। केवल à¤à¤• सामगà¥à¤°à¥€ (इनà¥à¤—à¥à¤°à¥€à¤¡à¥€à¤à¤‚ट) से बनी फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥à¤¯à¥‚री और चावल जैसे कà¥à¤› सीरियल से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कर सकती हैं।
इसके बाद आप कà¥à¤› और सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और बनावट वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल करें। यदि आप चाहें तो शिशॠके लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ की रेसिपी यहां देख सकती हैं।
जब शिशॠसात माह का हो जाà¤, तो आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ-साथ उसे गà¥à¤²à¥‚टेन देना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। गà¥à¤²à¥‚टेन मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: गेहूं में पाया जाता है।
छह माह की उमà¥à¤° के बाद से शिशॠके लिठखाना बनाने में आप थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में गाय का दूध इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैंं। मगर शिशॠके à¤à¤• साल का होने से पहले गाय का दूध मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर उसे न दें।
यहां और अधिक पढ़ें कि शिशॠको कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ कब दिठजाà¤à¤‚। अगर, आपके परिवार में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इतिहास रहा है, तो बेहतर है कि आप इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
शिशॠजब छह महीने का हो जाà¤, तो उसे नरम गाढ़ा गूदा (पà¥à¤¯à¥‚री) देना शà¥à¤°à¥ करें। सात से नौ माह के बीच उसे मसला हà¥à¤† या कीमे की तरह पिसा हà¥à¤† à¤à¥‹à¤œà¤¨ (न कि गाढ़ा गूदा) देने की कोशिश करें। शिशॠका à¤à¥‹à¤œà¤¨ मसलने के लिठबà¥à¤²à¥‡à¤‚डर की बजाय कांटे का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, ताकि यह ढेलेदार रहे।
शिशॠजब सात महीने का हो जाà¤, तो आप उसे हाथ में पकड़ कर खाने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ (फिंगर फूड) देना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं।
शिशॠके 10 महीने का होने के बाद से उसका आहार बड़ों के जैसा ही होना चाहिà¤à¥¤ उसका à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ बारीक कटा हà¥à¤† हो। खाने की बनावट à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ हो कि वह शिशॠको चबाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करे।
शिशॠजब ढेलेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ या हाथ में पकड़ कर कà¥à¤› खा रहा हो, तो उसे कà¤à¥€ à¤à¥€ अकेला न छोड़ें। यहां जाने कि अगर à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠके गले में अटक जाà¤, तो कà¥à¤¯à¤¾ करें।
आपके शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ अà¤à¥€ अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत थोड़ी नाजà¥à¤• होती है। इस वजह से शिशॠमें पेट का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा रहता है। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कीजिठकि आप शिशॠका à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाने या धोने के लिठà¤à¥€ पीने का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पानी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। बचे हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को सही ढंग से संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करके रखें।
à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤› à¤à¥‹à¤œà¤¨ व सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं, जो शिशॠको à¤à¤• साल से पहले नहीं दी जानी चाहिà¤à¥¤ इनमें शामिल हैं- नमक, चीनी, शहद, कृतà¥à¤°à¤¿à¤® मीठा, कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ मछलियां (जिनमें पारे का सà¥à¤¤à¤° काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो), कम वसा वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ और कैफीन।
पांच साल से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को साबà¥à¤¤ मेवे नहीं देने चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके गले में अटकने का खतरा रहता है। यदि आप अपने शिशॠको मेवे खिलाना चाहती हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीस कर या पेसà¥à¤Ÿ बनाकर खिलाà¤à¤‚।
अगर à¤à¥‹à¤œà¤¨ ताजा और मौसमी सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनाया जाà¤, तो सबसे पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है। जब शिशॠअलग-अलग फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ पहचानने लगे, तो आप किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ दो चीजों को मिलाकर à¤à¥€ उसे à¤à¥‹à¤œà¤¨ दे सकती हैं।
शिशॠका विकास अचà¥à¤›à¥€ तरह हो सके इसलिठजरà¥à¤°à¥€ है कि उसे विविध आहार खिलाठजाà¤à¤‚। इसका à¤à¤• तरीका यह है कि शिशॠको इंदà¥à¤°à¤§à¤¨à¥à¤· के सà¤à¥€ रंगों वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाठजाà¤à¤‚। इसके बारे में आप हमारे सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ में लाल, नारंगी, पीले, हरे, जामà¥à¤¨à¥€ और सफेद रंगों के à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में जान सकती हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ अकादमी (आईà¤à¤ªà¥€) अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• लीटर से कम फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं को रोजाना 400 यूनिट विटामिन डी जनà¥à¤® से à¤à¤• साल का होने तक देने की सलाह देते हैं। शिशॠको आयरन की कमी (à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾) से बचाने के लिठआयरन अनà¥à¤ªà¥‚रक à¤à¥€ दिठजा सकते हैं।
शिशॠके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में चीनी या नमक न मिलाना ही बेहतर है। मगर, इनके बिना à¤à¥€ शिशॠके लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाया जा सकता है। उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठआप लहसà¥à¤¨, अदरक, पिसे हà¥à¤ मसाले जैसे हलà¥à¤¦à¥€, जीरा और धनिया या साबà¥à¤¤ मसाले जैसे जीरा, सौंफ, दालचीनी या इलायची डाल सकती हैं।
आपके शिशॠको मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ पसंद आना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨ दूध में à¤à¥€ मीठा होता है। मगर, शिशॠको नमकीन सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की आदत होना à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ रहता है। अगर, आपको किसी à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मीठा डालना ही हो, तो चीनी की बजाय किसी फल या सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
आप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में केवल à¤à¤• सामगà¥à¤°à¥€ से बना सूप दे सकती हैं और इसके बाद धीरे-धीरे मिकà¥à¤¸ वेजिटेबल, चिकन या मीट सूप दे सकती हैं। कà¥à¤²à¥€à¤¯à¤° सूप का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आप शिशॠके सीरियलà¥à¤¸ में मिलाने के लिठकर सकती हैं। चावल के वà¥à¤¯à¤‚जन बनाने या फिर शिशॠचपाती या परांठे खाने लगे तो आटा गूंथने में कà¥à¤²à¥€à¤¯à¤° सूप का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
हमारी 30 मिनट में दाल सूप बनाने की रेसिपी शिशॠके लिठबेहतरीन आहार है। हमारे विडियो में जानें कि आप इसे किस तरह बना सकती हैं, कि शिशॠको यह पसंद आà¤à¥¤
शिशॠको अनाज देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ चावल से करना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है। चावल न केवल पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होते हैं, बलà¥à¤•ि ये आसानी से पच à¤à¥€ जाते हैं। जैसे-जैसे शिशॠदाल, सूप और पà¥à¤¯à¥‚री में मिले चावल खाने का आदि हो जाà¤, तो फिर उसे सूजी, रागी, बाजरा, जà¥à¤µà¤¾à¤° और साबूदाना जैसे अनà¥à¤¯ अनाज दे सकती हैं।
पचाने में थोड़े मà¥à¤¶à¥à¤•िल अनाज जैसे कि गेहूं या जई शिशॠको सात महीने का हो जाने के बाद दें। शिशॠके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ आहार के लिठअनाज की वà¥à¤¯à¤‚जन विधियां यहां देखें।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ रस
आप शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ पीने के लिठफलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रस दे सकती हैं। बेहतर है कि आप ताजा रस घर पर ही तैयार करें, ताकि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि रस में चीनी, नमक, कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रंग व सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नहीं हैं। शिशॠको जूस में पानी मिलाकर ही दें, à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ जूस में 10 हिसà¥à¤¸à¥‡ पानी।
शिशॠको जूस देना तà¤à¥€ शà¥à¤°à¥ करें जब वह सादा पानी अचà¥à¤›à¥‡ से पीने लगा हो, वरना वह हमेशा जूस या फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ पानी ही पीना चाहेगा! साथ ही, शिशॠको पानी के बदले जूस या कोई मीठा पेय कà¤à¥€ न दें। अगर, शिशॠको केवल मीठे या अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाले पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की आदत पड़ जाती है, तो उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ की बजाय केवल काफी सारी कैलोरी ही मिलेगी। मीठे à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पेय शिशॠको उà¤à¤°à¤¤à¥‡ दांतों के लिठनà¥à¤•सानदेह हैं।
बेहतर है कि शिशॠको मीठे वà¥à¤¯à¤‚जन देना तà¤à¥€ शà¥à¤°à¥ किया जाठजब वह नम​कीन ठोस आहार अचà¥à¤›à¥‡ से खाने लग गया हो। वरना, हो सकता है वह सिरà¥à¤« मीठे वà¥à¤¯à¤‚जन ही पसंद करने लगे।
शिशॠके लिठमीठे की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने का सबसे सेहतमंद विकलà¥à¤ª हैं उबाले या à¤à¤¾à¤ª में पकाठहà¥à¤ या फिर ताजा फल। शिशॠके लिठबनाठडेजरà¥à¤Ÿ या पà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग को मीठा बनाने के लिठशहद या चीनी न डालें। इसकी बजाय फलों की पà¥à¤¯à¥‚री या चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° दालचीनी डालें। शिशॠके लिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ मीठे की वà¥à¤¯à¤‚जन विधियां यहां देखें।
अगर आप शिशॠको वीगन या शाकाहारी आहार देती हैं, तो आपको यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा कि शिशॠको वे सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ मिल सकें, जिनकी कमी शाकाहारी या वीगन आहार में होती है। जैसे कि विटामिन बी6, बी12, विटामिन डी, आयरन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®à¥¤
अपने शिशॠकी आहार योजना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से तैयार करें, विशेषकर यदि शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ से खाना नहीं खाता हो तो। साथ ही, डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठअनà¥à¤ªà¥‚रक (सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸) à¤à¥€ शिशॠको देती रहें।
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